कुंद - कुंद ज्ञानपीठ

दिगम्बर जैन उदासीन आश्रम ट्रस्ट के उद्देश्यों की प्राप्ति हेतु स्व. श्री देवकुमारसिंह कासलीवाल की पहल पर १९.१०.१९८७ को कुन्दकुन्द ज्ञानपीठ, इंदौर की स्थापना की गई एवं मध्य प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री माननीय श्री मोतीलाल जी वोरा के कर - कमलो से इसका उद्घाटन संम्पन्न हुआ l कुन्दकुन्द ज्ञानपीठ की स्थापना मूलतः शोध संस्थान के रूप में की गई है l तथपि इसकी गतिविधियों को प्रारम्भ से ही बहुआयामी रखा गया है l हम यहाँ इसकी प्रमुख प्रवृतियों एवं इसकी उपलब्धियों की संछिप्त जानकारी प्रस्तुत कर रहे है l

शिविर / सेमिनार

दिगम्बर जैन उदासीन आश्रम ट्रस्ट के उद्देश्यों की प्राप्ति हेतु स्व. श्री देवकुमारसिंह कासलीवाल की पहल पर १९.१०.१९८७ को कुन्दकुन्द ज्ञानपीठ, इंदौर की स्थापना की गई एवं मध्य प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री माननीय श्री मोतीलाल जी वोरा के कर - कमलो से इसका उद्घाटन संम्पन्न हुआ l कुन्दकुन्द ज्ञानपीठ की स्थापना मूलतः शोध संस्थान के रूप में की गई है l तथपि इसकी गतिविधियों को प्रारम्भ से ही बहुआयामी रखा गया है l हम यहाँ इसकी प्रमुख प्रवृतियों एवं इसकी उपलब्धियों की संछिप्त जानकारी प्रस्तुत कर रहे है l